छत्तीसगढ़ किसान मोर्चा ने अनुविभागीय अधिकारी फरसाबहार को ज्ञापन में कहा है कि उतियाल व्यपवर्तन परियोजना 1976 के अंतर्गत नहर लाइनिंग किसानों की अधिग्रहित भूमि का मुआवजा वितरण आज दिनांक तक नहीं होने के कारण जल संसाधन विभाग के सामने आंदोलन के रूप में अपने हक की लड़ाई लड़ेगी। उतियाल और कोकिया व्यपवर्तन परियोजना 1975 के अंतर्गत नहर लाईनिंग किसानों की अधिग्रहित भूमि का मुआवजा वितरण लगभग 45 -48 साल बाद भी नहीं हो पाया है, संबंधित कार्यालय में प्रकरण लंबित है, कोकिया व्यपववर्तन योजना उतियाल व्यपवर्तन योजना 1973 एवं 1975 में प्रारंभ किया गया एवं 1991 में पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया, मुआवजा नहीं मिलने की स्थिति में व्यपवर्तन हेतु अधिग्रहण भी अधूरी मानी जानी चाहिए, लेकिन नियम को ताक में रखकर व्यपवर्तन पूर्णता का प्रमाण पत्र असंवैधानिक है, शासन का यह कृत्य नियम के विरुद्ध है, और निंदनीय है, शासन की उदासीन व्यवहार और असंवैधानिक कारनामे से हम किसान क्षुब्ध है, और आंदोलन के लिए विवश है, कई बार आश्वासन दिया गया, आश्वासन से समस्या समाधान होने का रास्ता प्रशस्त नहीं हो सकता लगभग 100 किसानों को पिछले 45 से 48 सालों से ऑफिसों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं, विभाग का चक्कर लगाते कई किसान ने अपनी जान कीबलिदान दे दी।
आज पर्यंत लगभग 100 किसानों का मुआवजा रुका पड़ा है, कोकिया व्यपववर्तन योजना और उतियाल व्यपवर्तन योजना 1975 में व्यपवर्तित भूमि का मुआवजा देने का आग्रह करते हैं।
किसान मोर्चा ने शासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि 19 मई 2023 शुक्रवार को समस्त किसानों का मुआवजा राशि वर्तमान मूल्य के अनुसार और 45 से 48 साल की ब्याज की भी धनराशि 20% सालाना भुगतान किया जाए, अगर शासन 19 मई 2023 तक ऐसा नहीं करता है तब 25 मई 2023 दिन गुरुवार को ऑफिस तालाबंदी एवं सड़क जाम किया जाएगा जिसकी जिम्मेदार शासन प्रशासन और सिर्फ शासन की होगी।













