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सचिव संघ का हड़ताल पर जाना ग्रामीणों के लिए किसी सजा से कम नहीं , प्रदेश पंचायत सचिव संघ प्रांतीय निकाय के आव्हान पर फरसाबहार ब्लॉक के पंचायत सचिवों ने मांग पूरी नहीं होने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

 



सचिव संघ का हड़ताल पर जाना ग्रामीणों के लिए किसी सजा से कम नहीं  , प्रदेश पंचायत सचिव संघ प्रांतीय निकाय के आव्हान पर फरसाबहार ब्लॉक के पंचायत सचिवों ने मांग पूरी नहीं होने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।


 ब्लॉक के सभी पंचायत सचिव अपनी मांगों को लेकर 16 मार्च से कलमबंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने की वजह से पंचायत सम्बंधित कामकाज प्रभावित हो रहे है। ऐसे में ग्रामीणों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल पंचायत सचिव संघ की एक सूत्रीय मांग है कि पंचायत सचिवों को परिवीक्षा अवधि पश्चात शासकीयकरण किया जाये। लेकिन सरकार ने पंचायत सचिवों की इस मांग को बजट सत्र में शामिल नहीं किया। जिससे नाराज पंचायत सचिवों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। पंचायत सचिव संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर सरकार विचार नहीं करती साथ ही एक सूत्रीय मांग पूरी होने तक पंचायत सचिव संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखेगा। पंचायत सचिवों की हड़ताल में चले जाने से शासन की महत्वकांक्षी योजना गोबर खरीदी कार्य,गोठान के समस्त कार्य, मनरेगा के कार्य, जन्म मृत्यु पंजीयन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत वृद्धावस्था, पेंशन विधवा, पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा पेंशन, मुख्यमंत्री पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता, श्रद्धांजलि योजना, पेयजल व्यवस्था, शौचालय निर्माण, वन अधिकार पट्टा वितरण, स्वामित्व योजना सर्वेक्षण, ग्राम सभा, बजट निर्माण, समस्त निर्माण कार्य एवं वित्तीय वर्ष के अंतिम होने से लेखा-जोखा के कार्य पूर्ण रूप से प्रभावित है।