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करमा उत्सव आस्था का प्रतीक है इस पारंपरिक उत्सव काें उत्सव एवं प्रतियोगिता में शामिल करने से उरांव समाज की आस्था परंपरा और मान सम्मान को आहत होगी।

 


करमा उत्सव आस्था का प्रतीक है इस पारंपरिक उत्सव काें उत्सव एवं प्रतियोगिता में शामिल करने से उरांव समाज की आस्था परंपरा और मान सम्मान को आहत होगी।

    उरांव समाज जिला जसपुर सोसायटी ग्राम पंडरीपानी परहाटोली विकासखंड फरसाबहार के उरांव समाज ने पिछले दिन अनूविभागीय अधिकारी राजस्व फरसाबहार को अवगत कराते हुए ज्ञापन दिया है कि ग्राम डोंगादरहा तहसील फरसाबहार में करमा उत्सव प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जो कि अनुचित है, उरांव समाज में जब भी करमा पूजा का आयोजन किया है, पूरी श्रद्धा और आश्विन मास की शुक्ल पक्ष से आरंभ कर कार्तिक मास के ,अमावस्या तक ही , मनाया जाता है।



    उरांव समाज को नोटिस पंपलेट के माध्यम से पता चला कि ग्राम डोंगादरहा में उरांव समाज के आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, इस उत्सव को पारंपरिक रूप से न मनाकर प्रतियोगिता का रूप देकर असमय इसका आयोजन होना अवहेलना है,जिसे उरांव समाज ने सरासर गलत ठहराते हुए अनुविभागीय अधिकारी फरसाबहार को अवगत कराते हुए इस ,पर रोक लगाने की अपील की है, शासन के आवेदन पर तत्काल कार्यवाही न करने पर,फरसाबहार मुख्य मार्ग पर एवं डोंगादरहा के पास सड़क रोको आंदोलन के लिए मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ शासन की होगी।

     उरांव समाज के अध्यक्ष बोधसाय भगत कार्यकारी अध्यक्ष सुखनाथ राम भगत संरक्षण करता सुखराम भगत उपाध्यक्ष गंगोत्री निकुंज,सचिव बलभद्र प्रधान, संयुक्त सचिव आशा भगत, कोषाध्यक्ष रामदयाल राम भगत, दिलभान मींज, विल चूस राम भगत, प्रदीप भगत एवं अन्य साथी गण मौजूद रहे।