कहीं परिस्तिथियां ऐसी न हों कि हमें अन्य ग्रहों पर जीवन के संभावनाएं तलाशने पड़े।
पर्यावरण मित्र मंडल जशपुर के तत्वावधान में बुधवार को आओ भविष्य के लिए बचाएं जल अभियान के तहत लोयोला अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई ,इस कार्यशाला में 1299 से अधिक स्टूडेंट्स शामिल हुए ।कार्यशाला में स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए जशपुर से पर्यावरणविद एस .पी .यादव ने कहा कि वर्तमान में जशपुर जिले की मौजूदा स्थिति अच्छी नहीं है, यह जिला रेड जोन में है ,जल के अतिदोहन के फलस्वरूप यहाँ भूमिगत जल 30 मीटर से भी नीचे जा चुका है, वर्षा की अनियमितता एवं अनिश्चितता एक समस्या बन चुका है ,आने वाले दिनों में यहां स्थिति गंभीर हो सकती है ,लगातार जैव विविधता के ह्रास के कारण यहाँ तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है जिसके कारण समय पूर्व जल स्रोत सूख रहे हैं और वनस्पतियों के अस्तित्व पर संकट है, जैव विविधता के क्षय के कारण एवं लगातार हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण इकोसिस्टम का संतुलन बिगड़ गया है, आने वाले दिनों में कहीं परिस्तिथियां ऐसी न हों कि हमें अन्य ग्रहों पर जीवन के संभावनाएं तलाशने पड़े।
उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि प्राकृतिक संसाधन हमारे पास सीमित हैं ,लगातार जल के अतिदोहन के कारण आने वाले दिनों में यह समस्या काफी गंभीर हो सकती है। उन्होंने स्टूडेंट्स को वर्षा जल के संग्रहण के साथ ही अपने परिवेश में 1 पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा के लिए मोटिवेट किया।
इस दौरान स्टूडेंट्स से फीडबैक लिए। स्टूडेंट्स स्नेहा, अस्तिका टोप्पो ,क्रिश्चिन एवं ईश्वर ने जलवायु परिवर्तन एवं जल संकट के लिए मानवीय गतिविधियों एवं संसाधनों के अतिदोहन को जिम्मेदार कारक बताया एवं साथ ही लोगों को प्रकृति से जुड़ने के लिए कहा। विद्यालय के प्राचार्य फादर रविन्द्र लकड़ा ने स्टूडेंट्स एवं शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण की मुख्य धारा से जुड़ने एवं जैव विविधता के सरंक्षण के लिए योगदान देने की बात कही।
इस मौके पर पर्यावरणविदों ने स्टूडेंट्स को विभिन्न प्रजातियों के 650 पौधे वितरित किए ।
इस अभियान में पर्यावरणविद मुरारी गुप्ता, देवचरण पटेल सोशल एक्टिविस्ट , विद्यालय के प्राचार्य फादर रविन्द्र लकड़ा,उप प्राचार्य फादर सी .मिंज सहित विद्यालय के समस्त शैक्षणिक स्टॉफ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।















