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पर्यावरण मित्र मंडल जशपुर ने कन्हर नदी के उद्गम स्थल सरंक्षण के लिए बनाई ग्रामीणों की मॉनिटरिंग कमेटी ,उद्गम स्थल पर किया श्रमदान ।

 


➡️पर्यावरण मित्र मंडल जशपुर ने कन्हर नदी के उद्गम स्थल सरंक्षण के लिए बनाई ग्रामीणों की मॉनिटरिंग कमेटी ,उद्गम स्थल पर किया श्रमदान 


कन्हर जिले की जीवनदायिनी नदी है जो जशपुर से निकलकर अन्य जिलों एवं राज्यों की सीमा रेखा निर्धारित करती है ,लगातार अतिदोहन एवं मानवीय उपेक्षा के कारण नदियों के उद्गम स्थलों पर खतरा बढ़ गया है, इसे देखते हुए शनिवार को पर्यावरण मित्र मंडल जशपुर से एस पी यादव एवं टीम के सदस्य प्रेम यादव कन्हर नदी के उद्गम स्थल पहुंचे ,उद्गम स्थल को सरंक्षित रखने उन्होंने उद्गम स्थल पर ही स्थानीय ग्रामीणों की जनचौपाल लगाई ,जनचौपाल में पर्यावरणविद एस पी यादव ने ग्रामीणों को बताया कि कन्हर इस इलाके की सबसे बड़ी एवं जीवनदायिनी नदी है ,लगातार अतिदोहन एवं अविवेकपूर्ण उपयोग के कारण इसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है ,उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि उद्गम स्थल की सुरक्षा सिर्फ प्रशासन एवं सरकार नहीं कर सकती ,यह सबके सामूहिक प्रयास से ही संभव है, जिसके लिए हमें उद्गम पर अतिदोहन रोकना होगा ,उन्होंने कहा कि बहाव क्षेत्र भी अतिक्रमण के कारण पूरी तरह प्रभावित है, यदि लोग स्वेच्छा से अतिक्रमण छोड़ते हैं तो निचले इलाकों में भी पानी आएगा एवं साथ ही वनस्पतियों एवं वन्य जीवों को जल उपलब्ध हो सकेगा ।उद्गम स्थल की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों की मंशा के अनुसार एक मॉनिटरिंग कमेटी का भी गठन किया गया ,यह कमेटी उद्गम स्थल की सुरक्षा, सरंक्षण एवं अनावश्यक गतिविधियों पर निगरानी रखने अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी ,जिसमें पुरुषों के साथ महिलाओं को भी 50% की भागीदारी दी गई ,उन्होंने मौके पर वहाँ मौजूद ग्रामीणों के साथ श्रमदान कर कन्हर के बहाव क्षेत्र की सफ़ाई की,इस कार्य में उनका साथ पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी दिया । एस पी यादव ने बताया कि बीते 19 अप्रैल को उनकी टीम ने उद्गम स्थल पहुँचकर स्थानीय ग्रामीणों की मदद से यहाँ सफाई एवं सुरक्षा के उपाय किए थे । विदित हो जिले में बहने वाले प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों के सरंक्षण के लिए जिला प्रशासन ,वन विभाग एवं पर्यावरण मित्र मंडल जशपुर के द्वारा सयुंक्त रूप से प्रयास किया जा रहा है ,उन्होंने बताया कि प्रशासन के सहयोग एवं सामुदायिक सहभागिता से जल्द ही नदियों के उद्गम स्थलों को सरंक्षित कर लिया जाएगा ।



➡️पाट इलाके में पेयजल का एकमात्र स्रोत है कन्हर का उद्गम 


स्थानीय लोगों ने बताया कि इस इलाके में कन्हर का उद्गम पेयजल का एकमात्र स्रोत है ,जिसके जल पर हजारों परिवार आश्रित हैं ,ऐसे में जल के इस प्राकृतिक स्रोत को सरंक्षित करना अति आवश्यक है।


➡️कन्हर के उद्गम सरंक्षण के लिए इन्हें मिली जिम्मेदारी


अध्यक्ष - अनिता बाई यादव 

उपाध्यक्ष-सीमा बाई

सचिव - झरलु राम

सहसचिव-संजय राम

सलाहकार- संतोष यादव 

निगरानी सदस्य- अमिता भगत 

                      सीमा यादव

                       असिन्ता बाई

                      बसंत कुमार 

                      प्रकाश भगत

                   


                


              


जानिए क्या है कन्हर के जल की विशेषता 


कन्हर के उद्गम स्थल का जल गर्मी में अत्यधिक ठंड एवं ठंड के दिनों में गर्म रहता है ,यहाँ के पानी में आयरन एवं सल्फर की प्रचुर मात्रा मौजूद है ।