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जिला प्रशासन एवं इनोवेशन फोरम जशपुर के सयुंक्त तत्वावधान में शुरू हुआ ऑपरेशन कंजर्व वाटर कैम्पेन।

 



जिला प्रशासन  एवं इनोवेशन फोरम जशपुर के सयुंक्त तत्वावधान में शुरू हुआ ऑपरेशन कंजर्व वाटर कैम्पेन। 


पर्यावरणविदों की नई पहल, अब गाँव-गाँव जाकर ग्रामीणों को बताएंगे भविष्य के लिए कितना जरूरी है जल 

 

जल बचाया जा सकता है, बनाया नहीं जा सकता ,इसकी एक - एक बूंद जीवन के लिए कीमती है ,इस आशय को लेकर अब इनोवेशन फोरम  जशपुर की टीम जिले के ग्रामीण इलाकों में जाकर ग्रामीणों को जल सरंक्षण एवं जैव विविधता की रक्षा के लिए जागरूक करेगी ।

इस क्रम में शनिवार को इनोवेशन फोरम जशपुर से विशेषज्ञ एस पी यादव एवं उनकी टीम कुनकुरी विकास खण्ड के घटमुण्डा पहुंची।

इस अभियान में अपार इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के 20 स्टूडेंट्स एवं शिक्षक शामिल हुए ।

 जल सरंक्षण एवं जैव विविधता की रक्षा के लिए उन्होंने ग्रामीणों से संवाद किया ,ग्रामीणों से  चर्चा करते हुए पर्यावरण विशेषज्ञ एस पी यादव ने कहा कि दिनों दिन पृथ्वी में उपलब्ध जल भूमिगत होता जा रहा है ,ग्लोबल वार्मिंग, निरतंर हो रहे  वनों की कटाई के कारण आने वाले दिनों में जल संकट की समस्या और विकराल रूप लेगी ,उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल बोर्ड ने जशपुर जिले को रेड जोन में शामिल किया है, एक अनुमान के अनुसार यहां भूमिगत  जल 27  फीट से भी नीचे जा चुका है यदि समय रहते जल सरंक्षण पर कार्य नहीं हुए तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे ।उन्होंने कहा जशपुर जिले की जैव विविधता देश में अलग स्थान रखती है ,इसे बनाये रखने के लिए हमें अपने जिम्मेदारियों एवं भूमिका को समझना होगा, आने वाले दिनों में कहीं परिस्तिथियां ऐसी न हो कि हमें अन्य ग्रहों पर जीवन की संभावनाएं तलाशने पड़े। उन्होंने जल के विवेकपूर्ण उपयोग एवं जैव विविधता की रक्षा के लिए ग्रामीणों एवं नर्सिंग  स्टूडेंट्स को प्रेरित किया।इस मौके पर स्टूडेंट्स ने प्राकृतिक वातावरण  में उत्तराखंड के 

चिपको आंदोलन की तर्ज  पर पोस्टर एवं बैनर के जरिए लोगों को  पेडों की कटाई रोकने का संदेश दिया।

 डॉक्टर दीनानाथ  जियोग्राफर   ने  कहा कि यदि प्रकृति के आधारभूत तत्व बचे रहेंगे तभी  वनस्पतियों एवं जीवों का अस्तित्व बना रहेगा उन्होंने ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन के आइडिया  शेयर किए एवं साथ ही  अधिक से अधिक पौधरोपण के लिए प्रेरित किया।


विशेषज्ञ  डी .सी.  पटेल ने ग्रामीणों को निरतंर हो रही पेडों की कटाई रोकने एवं जल के प्राकृतिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए  मोटिवेट किया ,उन्होंने बताया कि प्राकृतिक संसाधन अब सीमित रह गए हैं ,हमें इनके सरंक्षण के लिए कार्य करना होगा। 


नर्सिंग की छात्राएं श्वेता साहू एवं खुशबू ने ग्रामीणों को बताया कि जल के बिना जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है,पौधे एवं जीव जंतु सभी का जीवन जल पर ही आश्रित है , हमें अपने नैतिक जिम्मेदारियों को समझना होगा ,जल सरंक्षण एवं पर्यावरण की रक्षा करना  सभी का सामूहिक दायित्व है । 

एस पी यादव ने उक्ताशय की जानकारी देते बताया कि जल सरंक्षण एवं जशपुर जिले की जैव विविधता को बनाए रखने अभियान अनवरत चलेगा ,ग्रामीण इलाकों जहां जल संकट की समस्या है ,जल विशेषज्ञों की मदद से जल सरंक्षण हेतु कार्य किए जाएंगे।