ईब नदी के उद्गम स्थल की हुई सफाई ,अतिक्रमण के कारण पानी का प्रवाह हो रहा बाधित ।
पर्यावरण मित्र मंडल जशपुर एवं वन विभाग की सयुंक्त पहल पर जिले में बहने वाली जीवनदायिनी नदियों के जीर्णोद्धार की दिशा में कार्य शुरू किया गया है, बीते दिनों जशपुर डिवीजन के डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय एवं पर्यावरण मित्र मंडल जशपुर से एस पी यादव एवं उनकी टीम ने ईब एवं राजपुरी नदी के उद्गम स्थलों का जायजा लिया ,डीएफओ के निर्देश के बाद रानीझुला स्थित ईब के उद्गम की सफाई एवं जीर्णोद्धार की दिशा में कार्य शुरू किया गया है ,पर्यावरण मामलों के जानकार एस पी यादव ने बताया कि ईब जशपुर जिले सहित ओड़िशा राज्य की सीमा रेखा निर्धारित करती है ,छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के रानीझुला से निकलकर 87 किमी का सफर ओड़िशा के हीराकुंड डेम से 10 किमी पहले महानदी में जाकर समाप्त होता है,इसकी कुल लंबाई 252 किमी है।
उद्गम स्थलों पर अतिक्रमण के कारण पानी का प्रवाह हो रहा बाधित
पर्यावरणविद एस पी यादव ने बताया कि
ईब एवं राजपुरी के उद्गम स्थलों पर अतिक्रमण के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है ,लोगों ने उद्गम स्थलों को ही कब्जा कर लिया है ,बड़े- बड़े मोटर पम्पों के द्वारा उद्गम स्थलों से पानी खींचा जा रहा है ,जिसके कारण उद्गम स्थलों के जल के अतिदोहन के साथ ही इनके अस्तित्व पर खतरा बढ़ गया है ,उन्होंने कहा कि उद्गम स्थलों पर हुए अतिक्रमण की जल्द जाँच हो ,अतिक्रमण हटेगा तो जिले में कहीं भी पानी की समस्या नहीं होगी ,पेयजल आपूर्ति के साथ साथ वनस्पतियों को भी सरंक्षण मिलेगा ।














