Ticker

6/recent/ticker-posts

मधेश्वर पहाड़ स्थित प्राकृतिक महादेव गुफा बना श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र ,यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं ।

 


प्रेस विज्ञप्ति: जशपुर /कुनकुरी 


मधेश्वर पहाड़ स्थित प्राकृतिक महादेव गुफा बना श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र ,यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं ।


जशपुर जिले को छत्तीसगढ़ का स्विट्जरलैंड,शिमला एवं मनाली एवं अन्य कई नामों से जाना जाता है ,कारण है यहाँ पहाड़ों की लंबी श्रृंखलाएं, गुफाओं के प्राकृतिक शैल चित्र, जलप्रपातों के मनोरम दृश्य ,यहां की प्राकृतिक सुंदरता एवं नैसर्गिक वादियां पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

जशपुर जिला मुख्यालय से 38 किमी दूर एवं कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैंप से महज 3 किमी की दूरी पर स्थित है विश्व का सबसे बड़ा एवं प्राकृतिक शिवलिंग ,जिसे मधेश्वर पहाड़ कहा जाता है ,यहाँ की सुंदरता अपने आप मे अनोखी है ,यहाँ पहाड़ी के नीचे दायीं ओर एक प्राकृतिक महादेव गुफा स्थित है ,जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है , सावन के पहले सोमवार को बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे ।यह जगह आस्था का केंद्र है एवं साथ ही यहाँ पर्यटन के लिहाज से काफी संभावनाएं हैं ।


जानिए क्या है गुफा की विशेषताएं।



पर्यावरण मामलों के जानकार एस पी यादव ने बताया कि यह गुफा काफी अलौकिक एवं रहस्यमयी है, गुफा के आंतरिक भाग में दृश्यता सीमा कम है, गुफा लगभग 50 मीटर लंबी है ,उन्होंने बताया कि यह जगह भौगोलिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।


पर्यटन की असीम संभावनाएं

एस पी यादव ने बताया कि यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन एक ओर इस गुफा के पिछले हिस्से में खनन गतिविधियों के कारण यहां का सौंदर्य प्रभावित हो रहा है , गुफा तक जाने के लिए सड़क बनी है। बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर इस जगह को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।