प्रेस विज्ञप्ति: जशपुर
जैव विविधता के संरक्षण ,जल सरंक्षण ,बालिका शिक्षा एवं अन्य कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए एकदिवसीय ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस आयोजित
नेशनल इनोवेशन फोरम के तत्वावधान में रविवार को जैव विविधता के सरंक्षण ,जल सरंक्षण ,बालिका शिक्षा एवं अन्य कई तात्कालिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एकदिवसीय ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस गूगल मीट एप के जरिये रखी गई।ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में विभिन्न कालेजों के प्रोफेसर्स , प्राचार्य ,एक्सपर्ट्स, कॉलेज एवं विभिन्न स्कूलों के स्टूडेंट्स लाइव जुड़े।
ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दुर्ग डिवीजन के कमिश्नर महादेव कावरे ने कहा शिक्षा विकास की धुरी है, जशपुर जिला शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है,यह आपके टीम के सतत प्रयासों का नतीजा है ,यूपीएससी की परीक्षा में 12 प्रतिभागियों का चयन प्रदेश के लिए एक बडी उपलब्धि है, आने वाले समय में अधिक से अधिक से अधिक प्रतिभागी यूपीएससी सहित राज्य सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल करें,उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा दृढ़ इच्छाशक्ति एवं मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता, अपना दीपक स्वयं बनें ,उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जेईई, नीट ,चिकित्सा आदि की पूर्व तैयारी कर आने वाले परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। स्टूडेंट्स के पूछे गए सवालों की उन्होंने लाइव समीक्षा भी की ।
➡️ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में जशपुर से विशेषज्ञ एस पी यादव ने स्टूडेंट्स से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में हमें विभिन्न संवेदनशील एवं तात्कालिक मुद्दों पर कार्य करने की जरूरत है ,जिसमें जैव विविधता का सरंक्षण, जल सरंक्षण, नदियों का सरंक्षण, बालिकाओं की शिक्षा मुख्य रूप से शामिल है।उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि हमें बालिकाओं को समाज में बेहतर स्थिति में लाने के लिए अपने पूर्वाग्रह एवं पूर्व धारणाओं को बदलना होगा,* बालिकायें समाज के विकास एवं धुरी के समान हैं, अशिक्षा एवं अज्ञानता के कारण उन्हें आगे आने का अवसर नहीं मिल पाता एवं वे कई कुपोषित मानसिकताओं के शिकार होते जा रहे हैं, समाज में बालिकाओं को बराबर का दर्जा मिले ,इस पर सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि आज बालिकाएं शिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ रही हैं एवं नए आयाम स्थापित किए हैं, जो गर्व का विषय है।
उन्होंने जैव विविधता ,जल सरंक्षण, नदियों के सरंक्षण पर जोर देते हुए कहा कि समय रहते इनका सरंक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में कई चुनातियों का सामना करना पड़ेगा, जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक चुनौती से निपटने कारगर कदम उठाने होंगे।उन्होंने स्टूडेंट्स को वर्षाकाल में अधिक से अधिक पौधों का रोपण कर उनकी सुरक्षा के लिए प्रेरित किया। एवं वर्षाकाल में 1 हजार से अधिक पौधे लगाने,एवं उनकी सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने के लिए आइडिया दिए।
➡️जशपुर जिले से एक्सपर्ट इकबाल खान प्राचार्य ने कहा कि जल एवं प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हर नागरिक एवं युवा वर्ग का दायित्व है, सभी प्राकृतिक संसाधनों के सरंक्षण में आगे आयें।
एक्सपर्ट् अजय डोगरा जम्मू कश्मीर ने स्टूडेंट्स को जल सरंक्षण के आइडिया दिए एवं इसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की ।
➡️जानिए स्टूडेंट्स ने क्या कहा
ऑनलाइन लाइव कॉन्फ्रेंस में विभिन्न स्कूलों के स्टूडेंट्स ने अपने विचार एवं आइडिया साझा किए ।स्टूडेंट् कृतिका जगत ,निशा ,पलक गर्ग एवं अन्य ने कहा कि निरन्तर हो रही पेड़ों की कटाई चिंता का विषय है ,शिफ्टिंग कल्टीवेशन से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है ,अनियंत्रित चराई पर प्रतिबंध हो, नदियों के तट पर सघन पौधरोपण किये जायें एवं जल के प्राकृतिक स्रोतों का सरंक्षण हो।
स्टूडेंट् प्रिंसी ने बालिका शिक्षा पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक दृष्टि से बालिकाओं को बराबर समानता का अधिकार दिया जाना चाहिए, सरकार को बालिकाओं की शिक्षा के लिए समय समय पर विशेष प्रोत्साहन योजनाओं को लांच करना चाहिए एवं सभी वर्गों के हितों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
➡️स्टूडेंट सृष्टि ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बालिकाओं में प्रतिभा होती है ,लेकिन आर्थिक एवं अन्य कारणों से वे आगे नहीं आ पाती, सरकार को विशेष प्रशिक्षण एवं अन्य माध्यमों से बालिका शिक्षा की दिशा में कार्य करना चाहिए।बालिका शिक्षा पर स्टूडेंट्स आशना ने कहा कि समाज में वर्षों से चले आ रहे लोगों के पूर्वाग्रह एवं पूर्व धारणाओं को बदलने की जरूरत है।













